गर्भनिरोधकों से जुड़ी इन बातों पर क्या आप भी करते हैं विश्वास? तो आज जान लें इनका सच
26 सितंबर 2024: हर साल 26 सितंबर को मनाया जाने वाला वर्ल्ड कॉन्ट्रासेप्शन डे, लोगों को गर्भनिरोधक विकल्पों के बारे में जागरूक करने का एक महत्वपूर्ण अवसर है। इस दिन का उद्देश्य परिवार नियोजन के महत्व को बढ़ावा देना और लोगों को सही जानकारी प्रदान करना है। गर्भनिरोधकों के बारे में कई मिथक और भ्रांतियाँ हैं, जिन्हें समझना आवश्यक है। यहां हम उन बातों का सच बताते हैं, जिन पर आप विश्वास कर सकते हैं या नहीं।
1. गर्भनिरोधक केवल महिलाओं के लिए होते हैं
यह एक सामान्य भ्रांति है। जबकि गर्भनिरोधक के कई विकल्प महिलाओं के लिए उपलब्ध हैं, पुरुषों के लिए भी गर्भनिरोधक उपाय हैं, जैसे कंडोम और वैसेक्टोमी।
2. गर्भनिरोधक का उपयोग हमेशा सुरक्षित है
हालांकि अधिकांश गर्भनिरोधक सुरक्षित होते हैं, लेकिन कुछ विकल्पों का उपयोग स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं पैदा कर सकता है। जैसे कि हार्मोनल गर्भनिरोधक कुछ महिलाओं में स्वास्थ्य जोखिम बढ़ा सकते हैं। इसलिए, अपने स्वास्थ्य सेवा प्रदाता से सलाह लेना महत्वपूर्ण है।
3. गर्भनिरोधक का उपयोग स्थायी समाधान है
कई लोग मानते हैं कि एक बार गर्भनिरोधक का उपयोग शुरू करने के बाद, उन्हें हमेशा के लिए इसका इस्तेमाल करना होगा। हालांकि, कई विकल्प अस्थायी होते हैं और जब चाहें, उन्हें बंद किया जा सकता है।
4. गर्भनिरोधक केवल यौन सक्रिय लोगों के लिए होते हैं
यह भ्रांति गलत है। परिवार नियोजन के लिए गर्भनिरोधक का उपयोग उन लोगों के लिए भी महत्वपूर्ण है, जो यौन सक्रिय नहीं हैं, ताकि भविष्य में योजनाबद्ध गर्भधारण को सुनिश्चित किया जा सके।
5. गर्भनिरोधक के उपयोग से वजन बढ़ता है
यह एक आम misconception है। कुछ महिलाएं गर्भनिरोधक का उपयोग करने के बाद वजन बढ़ने की शिकायत करती हैं, लेकिन यह हर किसी पर लागू नहीं होता। वजन बढ़ने के कारण अन्य भी हो सकते हैं, और गर्भनिरोधक का प्रभाव व्यक्तिगत स्वास्थ्य पर निर्भर करता है।
