जी-20 शिखर सम्मेलन: भारत के दृष्टिकोण और प्राथमिकताएं
“जलवायु परिवर्तन से डिजिटल तकनीक तक: भारत का वैश्विक योगदान”
प्रधानमंत्री मोदी की इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य वैश्विक मुद्दों पर भारत का दृष्टिकोण प्रस्तुत करना और जलवायु परिवर्तन, डिजिटल तकनीक, ऊर्जा सुरक्षा, और वैश्विक आर्थिक स्थिरता जैसे विषयों पर चर्चा करना है। भारत ने इस साल कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं, जैसे कि हरित ऊर्जा को बढ़ावा देना और डिजिटल इंडिया कार्यक्रम के तहत वैश्विक तकनीकी सहयोग को मजबूत करना।
जी-20 शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी ने भारत की प्राथमिकताओं को रेखांकित किया और विकासशील देशों के हितों की पैरवी की। उन्होंने सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) पर जोर दिया और अंतरराष्ट्रीय सहयोग बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया।
भारत और ब्राजील के बीच द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के उद्देश्य से भी इस यात्रा को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दोनों देशों के बीच कृषि, ऊर्जा और व्यापार के क्षेत्र में कई समझौतों पर चर्चा की संभावना है।
यह शिखर सम्मेलन भारत के लिए एक मंच प्रदान करता है, जहां वह वैश्विक स्तर पर अपनी स्थिति को और मजबूत कर सकता है और भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग को प्रोत्साहित कर सकता है।
प्रधानमंत्री मोदी की इस यात्रा से न केवल भारत-ब्राजील संबंधों को बल मिलेगा, बल्कि वैश्विक मंच पर भारत की नेतृत्व क्षमता भी उजागर होगी।
