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प्रयागराज में परीक्षा नॉर्मलाइजेशन के विरोध में अभ्यर्थियों का हल्ला बोल, रैपिड एक्शन फोर्स तैनात

नॉर्मलाइजेशन नीति के विरोध में प्रयागराज में प्रदर्शन, छात्र बोले- “फ्यूचर से हो रहा खिलवाड़”

प्रयागराज में स्टूडेंट्स अपनी मांगों को लेकर अड़े हुए हैं। नारेबाजी हो रही है, पुलिस-छात्रों को मनाने की कोशिश में जुटी है लेकिन स्टूडेंट्स अड़े हैं। जो छात्र कल दिन से प्रदर्शन कर रहे थे। रात भर लोक सेवा आयोग के दफ्तर के बाहर डटे रहे। पुलिस फोर्स कम लगने लगी तो प्रशासन ने रैपिड एक्शन फोर्ड को भी बुला लिया।

बैरिकेडिंग से छात्रों को रात भर किसी तरह रोका गया। रात भर पुलिस और प्रदर्शनकारी आमने-सामने डटे रहे। प्रशासन की तरफ से कई बार बातचीत की कोशिश हुई समझाया गया लेकिन छात्रों ने किसी की भी नहीं सुनी और अब तक प्रोटेस्ट जारी है।

छात्रों का कहना है कि आयोग की तरफ से अभी तक कोई संवेदनशील जवाब नहीं दिया गया है। कोई भी आदमी बाहर आता है कहता है अभी मीटिंग चल रही है..आप लोग अपने घर पर जाइये अपना-अपना काम करिए। इससे पहले जो कैंडल मार्च हुआ था। तब भी यही कहा गया था कि आप लोग अपने-अपने घर जाइये परीक्षा एक शिफ्ट में होगी।

दिवाली की छुट्टी के बाद अचानक से नोटिफिकेशन जारी कर दिया कि आपकी परीक्षा में नॉर्मलाइजेशन होगा और 7 और 8 तारीख को परीक्षा होगी। PCS जैसी परीक्षा का ये टाइमलाइन एक महीने पहले बता रहे हैं कि एक महीने बाद आपकी तिथि निश्चित कर दी गई और उसमें नॉर्मलाइजेशन आपका लगा दिया गया।

एग्जाम सिर पर हैं तो प्रशासन भी चाहता है कि छात्र प्रदर्शन खत्म करें और अपनी पढ़ाई पर ध्यान दें। इसे लेकर कई बार रात में पुलिस अधिकारियों ने छात्रों को समझाने की भी कोशिश की।

छात्र अपनी मांगों को लेकर पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। छात्रों का आरोप है कि परीक्षा से एक महीने पहले नोटिफिकेशन जारी करके लोक सेवा आयोग स्टूडेंट्स के फ्यूचर के साथ खिलवाड़ कर रहा है।

प्रदर्शनकारी छात्रों ने प्रयागराज के जिलाधिकारी को ज्ञापन भी सौंपा। डीएम ने खुद छात्रों को समझाने की कोशिश की। अलग-अलग डेट और पालियों में परीक्षा कराने को लेकर प्रयागराज के डीएम रविंद्र कुमार ने कहा कि हमारे द्वारा उनको समझाने का प्रयास भी किया गया है। क्योंकि ये एक सामान्य प्रक्रिया है।

बाकी भी कई लोक सेवा आयोग जहां पर छात्रों की संख्या ज्यादा है उसको फॉलो करते हैं। क्योंकि साढ़े पांच लाख से ज्यादा छात्र हैं और RO/ARO में 10 लाख से ऊपर छात्र हैं और पूर्व में जो प्राइवेट संस्थानों को परीक्षा केंद्र बनाया जाता था तो उसमें परीक्षा की सुचिता भंग हो रही थी। पेपर लीक होते थे इसलिए ये निर्णय छात्रों के हित में लिया गया था।

प्रशासन द्वारा फैसला किया गया था कि केवल जो राजकीय संस्थान हैं उन्हीं को ही परीक्षा केंद्र बनाया जाए और 10 किलोमीटर के रेडियस में बनाया जाए। वही छात्रों से हमने अपील की है उनसे बात की है और उन्हें समझाने का प्रयास किया है और हम सभी छात्रों से अपील करते हैं कि ये जो प्रक्रिया है आपके हित के लिए है इसको अपनाया गया है और उन्होंने ज्ञापन भी हमको दिया है। उनका ज्ञापन हमने प्राप्त किया है।

लोक सेवा आयोग के सचिव अशोक कुमार ने कहा कि छात्रों की मांग है कि प्राइवेट विद्यालयों को सुचिता की दृष्टि से सेंटर ना बनाएं और दूरस्थ के सेंटर ना बनाएं। इसको ध्यान में रख करके छात्रों की मांग के आधार पर ही गवर्मेंट ने 19 जून 2024 को GO जारी किया था।

केवल सरकारी विद्यालयों को ही सेंटर बनाया जाएगा। वित्तीय सहायता प्राप्त है उनको सेंटर बनाया जाएगा, प्राइवेट नहीं बनाए जाएंगे ताकि परीक्षा सुचिता और गुणवत्ता के साथ कराई जा सके।

उसी की गाइडलाइन के हिसाब से हम लोगों ने 75 जनपदों से सेंटर प्राप्त करने की कोशिश की जिसमें सेंटर हमें जितनी संख्या में अभ्यर्थी पंजीकृत हैं उसके हिसाब से कम प्राप्त हुए। इसके लिए हमने एक दिन में ना कराकर दो दिन में कराने का निर्णय लिया और जब दो दिन में होगा तो नॉर्मलाइजेशन लागू करना पड़ेगा।

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