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शास्त्री पुल से सद्भावना पुल तक पक्के घाटों की योजना

“प्रसाद योजना में शामिल हुआ गोमती सौंदर्यीकरण प्रोजेक्ट”

इससे पर्यटन को भी पंख लगेंगे। सद्भावना पुल से लेकर शास्त्री पुल के बीच बनने वाले घाट से निश्चित तौर पर गोमती नदी की अविरल धारा लोगों को अपनी ओर आकर्षित करेगी। इसके पहले शास्त्री पुल के दोनों तरफ खेल एवं युवा कल्याण राज्य मंत्री गिरीश चन्द्र यादव की पहल पर ही घाट का निर्माण हुआ है। मौजूदा समय में अभी निर्माण चल भी रहा है। 

आदि गंगा गोमती के घाटों को सुंदर बनाने, पक्का बनाने के लिए राज्यमंत्री गिरीश चंद्र यादव की तरफ से की गई पहल पर भारत सरकार के संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह सेखावत का पत्र भी आया है। 28 अक्तूबर को जारी इस पत्र में केंद्रीय मंत्री ने भरोसा दिया है प्रसाद योजना में शामिल करते हुए राज्य सरकार को पत्र लिखकर प्रस्ताव मांगा गया है। ताकि नियमों के तहत इस पर आगे की प्रक्रिया बढ़ायी जा सके।

शहर के बीचो बीच बहती है गोमती की धारा

पीलीभीत जिले के गोमत ताल से निकलने वाली गोमती नदी उत्तर प्रदेश के सात जनपदों से होगर बहती है। जौनपुर में यह नदी शहर के बीचो बीच बहती है। शहर का आधा हिस्सा नदी के इस तरफ और आधा हिस्सा नदी के उस तरफ बसा है। करीब 960 किलोमीटर लंबी यह नदी गाजीपुर जिले में सदैपुर के पास गंगा नदी में मिलती है। शहर के बीचोबीच होने के कारण यह आकर्षण का केंद्र है। अब यहां गंगा आरती की तर्ज पर गोमती आरती भी होती है।

“पर्यटन को पंख लगे, गोमती के किनारे सुंदर घाट हो इसके लिए प्रस्ताव दिया था। उसे प्रसाद योजना में शामिल किया गया है। यूपी प्रोजेक्ट्स कार्पोरेशन लिमिटेड यूनिट-वाराणसी ने इस काम के लिए करीब 50 करोड़ रुपये का डीपीआर तैयार किया है। हालांकि अभी इसमें कुछ संशोधन होगा। पूरी उम्मीद है कि जल्दी ही इसपर कुछ अच्छी सूचना आएगी। – गिरीश चन्द्र यादव, राज्यमंत्री- खेल एवं युवा कल्याण राज्यमंत्री

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