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कांग्रेस का विरोध- ‘वन नेशन वन इलेक्शन’ संघीय ढांचे पर चोट

“कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने पेश किया ‘एक राष्ट्र एक चुनाव’ विधेयक”

समाजवादी पार्टी के सांसद धर्मेंद्र यादव ने भी इस बिल को लेकर विरोध जताया है। सपा सांसद ने कहा कि संघीय ढाचे को खत्म करने की कोशिश की जा रही है। बता दें कि इस बिल को कानून बनाकर लोकसभा और राज्य विधानसभाओं के चुनावों को एक साथ कराने का प्रावधान है।  

तेजस्वी बोले- बिहार में एक चरण में चुनाव नहीं करा सकते, वो देश में एक चुनाव क्या कराएंगे

‘एक राष्ट्र एक चुनाव’ पर राजद नेता तेजस्वी यादव ने कहा, ‘ये लोग RSS के एजेंडा को लागू करना चाहते हैं इसलिए हम लोग कहते हैं कि ये लोग संविधान विरोधी हैं। अभी ये कह रहे हैं कि ‘एक राष्ट्र एक चुनाव’, आगे कहेंगे ‘एक राष्ट्र एक पार्टी, फिर कहेंगे कि ‘एक राष्ट्र एक नेता’ क्या मतलब हुआ, बाद में पता चलेगा कि विधानसभा चुनाव की जरूरत ही नहीं है।

ये बीजेपी के लोग वास्तविक मुद्दे पर बात नहीं करते हैं। कहते हैं कि इससे खर्चा बचेगा। तो पीएम मोदी कितना विज्ञापन में खर्चा करते हैं? वह चुनाव से ज्यादा विज्ञापन पर खर्चा करते हैं। वह 11 साल में विज्ञापन पर कितना खर्चा किए ये बता दें? जो बिहार में एक फेज में चुनाव नहीं करा सकता उससे क्या उम्मीद की जाए कि वह ‘एक राष्ट्र एक चुनाव’ कराए।

ओवैसी बोले- ये विधेयक क्षेत्रीय पार्टियों को खत्म कर देगा

एआईएमआईएम नेता असदुद्दीन ओवैसी ने विधेयक का विरोध करते हुए कहा कि यह संविधान के आधारभूत ढांचे के खिलाफ है। यह विधेयक क्षेत्रीय पार्टियों को खत्म कर देगा और इससे सिर्फ राष्ट्रीय पार्टियों को फायदा होगा। 

भाजपा ने राज्यसभा सांसदों को जारी की व्हिप

भाजपा ने एम्स, भुवनेश्वर और अन्य पिछड़ा वर्ग कल्याण समिति के चुनाव के लिए मतदान करने के लिए राज्यसभा सांसदों को तीन लाइन व्हिप जारी किए हैं। चुनाव गुरुवार, 19 दिसंबर, 2024 को सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक कमरा नंबर 63, संविधान सदन में होगा।

एक साथ चुनाव होने से बचेगा देश का पैसा-TDP

तेलगू देशम पार्टी (TDP) ने इस बिल का समर्थन किया है। चंद्रबाबू नायडू की पार्टी के सांसद चंद्रशेखर ने कहा कि एक साथ चुनाव होने से देश का पैसा बचेगा।

ये सिर्फ एक आदमी की जिद- TMC

TMC ने भी इस बिल का विरोध किया है। कल्याण बनर्जी ने कहा कि ये बिल संविधान के ढांचे पर हमला है। राज्यों की विधानसभा केंद्र के अधीन नहीं है। ये चुनाव सुधार नहीं, सिर्फ एक आदमी की जिद है।

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