राज्यों से

कमरूनाग मेला: परता प्रक्रिया में गूर देवी सिंह ने मांगा अंतिम अवसर

“सूखे से राहत की गुहार: कमरूनाग के मेले में गूर टोली की परता प्रक्रिया शुरू”

गुरुवार को गोहर के समीप कुफ रीधार में कमरूनाग के एक दिवसीय मेले में करीब आधा दर्जन स्थानीय देवताओं सहित सैकड़ों लोगों की मौजूदगी में कमरूनाग के वर्तमान गूर देवी सिंह ने कमरूनाग को मनाने हेतू लोगों से अंतिम मौका मांगा।

वर्तमान गूर का बार-बार परता फेल रहने के बावजूद भी सैकड़ों लोगों ने उन्हें अंतिम मौका दे दिया है। जिसके बाद गुरुवार को वर्तमान गूर ने सैकड़ों लोगों की उपस्थिति में कमरूनाग के समक्ष अंतिम धूप देकर शुक्रवार सुबह 7 बजे तक बारिश व बर्फ बारी की गुहार लगाई है।

यदि शुक्रवार सुबह 7 बजे तक बारिश नहीं हुई तो प्रात 8 बजे पूर्व में रहे गूर गुरदेव ठाकुर परता प्रक्रिया के तहत देवता के समक्ष धूप देकर जल्द बारिश की गुहार लगाऐगें। जिसकी सूचना उन्हें गुरुवार को दे दी गई है। लोगों द्वारा परता प्रक्रिया में अब गूर टोली मे से पूर्व में रहे सभी गूरों को शामिल कर लिया गया है। जो क्रमानुसार देवता के समक्ष जल्द बारिश व बर्फबारी की गुहार लगाएंगें।

इस परता प्रक्रिया में जिस भी व्यक्ति का परता साकार होता है, (बारिश हो जाती है।) तो परंपरा के अनुसार उसे करोड़ों की संपत्ति सहित कमरूनाग का रथ सौंप गूर की गद्दी पर विराजमान किया जाऐगा। बता दें वर्तमान गूर पिछले दो वर्षो से अधिक समय से गद्दी पर विराजमान है, लेकिन आवश्यकतानुसार बारिश या फिर मौसम साफ रखने बारे वे अराध्य देव कमरूनाग को मनाने में पूरी तरह से विफल रहे हैं।

हालांकि उन्होंने बुधवार को चच्योट के समीप चुगान में भी सार्वजनिक रूप से शाम आरती के समय तक बारिश होने का ऐलान किया था, लेकिन आरती के समय तक बारिश तो दूर लेकिन आसमान पर छाए बादल छंटने शुरू हो गए। जिसके चलते मौसम साफ हो गया।

इतनी बार परता फेल होने के बावजूद भी लोगों ने उन्हे अंतिम मौका दे दिया है। अब देखना यह है कि कमरूनाग वर्तमान गूर देवी सिंह की अंतिम गुहार पर शुक्रवार सुबह 7 बजे तक मेघ बरसाऐगें या नहीं इस पर क्षेत्र के हजारों लोगों की निगाहें टिकी हुई है।

Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *