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संविधान दिवस: पूर्व मुख्य न्यायाधीश ने न्यायपालिका की जिम्मेदारियों पर दिया जोर

“न्याय प्रक्रिया में धैर्य और निष्पक्षता: चंद्रचूड़ का विशेष संदेश”

संविधान दिवस का महत्व

हर साल 26 नवंबर को भारत में संविधान दिवस मनाया जाता है, जो 1949 में संविधान सभा द्वारा भारत के संविधान को अपनाने की याद दिलाता है। यह दिन न केवल देश के संवैधानिक मूल्यों को प्रतिबिंबित करने का अवसर है, बल्कि नागरिकों और संस्थाओं को उनकी जिम्मेदारियों की याद दिलाने का भी दिन है।

पूर्व CJI का बयान

संविधान दिवस पर आयोजित एक कार्यक्रम में, पूर्व मुख्य न्यायाधीश ने कहा, “न्याय प्रक्रिया में धैर्य एक महत्वपूर्ण गुण है। जजों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि वे मामलों की सुनवाई करते समय न केवल कानूनी बारीकियों को ध्यान में रखें, बल्कि समाज पर पड़ने वाले उसके व्यापक प्रभावों को भी समझें।” उन्होंने यह भी कहा कि न्यायपालिका को हमेशा निष्पक्ष और स्वतंत्र रहना चाहिए।

न्यायपालिका के लिए धैर्य का महत्व

पूर्व सीजेआई ने अपने भाषण में बताया कि कैसे धैर्य न्याय प्रक्रिया का अभिन्न हिस्सा है। उन्होंने कहा कि न्यायाधीशों को हर पक्ष को ध्यान से सुनना चाहिए और अपने फैसले को भावनात्मक या व्यक्तिगत पूर्वाग्रह से मुक्त रखना चाहिए। “न्याय केवल कानून का पालन करना नहीं है, बल्कि यह समाज की भलाई और उसके नैतिक मूल्यों को भी सुनिश्चित करना है,” उन्होंने जोड़ा।

वर्तमान चुनौतियां

चंद्रचूड़ ने न्यायपालिका के सामने आने वाली वर्तमान चुनौतियों पर भी चर्चा की। उन्होंने बढ़ते मामलों के बोझ और निर्णय लेने में देरी को एक प्रमुख समस्या बताया। उन्होंने कहा कि तकनीक के बेहतर उपयोग और प्रक्रियाओं के डिजिटलीकरण से न्याय प्रणाली को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है।

नागरिकों के लिए संदेश

अपने भाषण के अंत में, उन्होंने नागरिकों को संविधान की अहमियत समझने और उसका सम्मान करने की अपील की। उन्होंने कहा कि संविधान केवल एक दस्तावेज़ नहीं है, बल्कि यह देश की आत्मा है, जो सभी नागरिकों को समान अधिकार और कर्तव्यों की याद दिलाती है।

निष्कर्ष

संविधान दिवस पर पूर्व मुख्य न्यायाधीश डी.वाई. चंद्रचूड़ का यह बयान न्यायपालिका की जिम्मेदारियों और नागरिकों के अधिकारों के प्रति एक महत्वपूर्ण संदेश है। उनका यह दृष्टिकोण न केवल न्याय प्रणाली को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में सहायक है, बल्कि यह समाज को भी संविधान के मूल्यों की गहराई से समझने और उन्हें अपनाने की प्रेरणा देता है।

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