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बिहार में स्कूलों की छुट्टियों का पुनर्गठन: शिक्षा और आराम का संतुलन

“72 दिनों की छुट्टियां: बिहार के छात्रों और शिक्षकों को राहत”

छुट्टियों का विवरण

नई समय-सारणी के तहत छुट्टियां मुख्य रूप से त्योहारों, सरकारी अवकाश और गर्मी की छुट्टियों को ध्यान में रखकर निर्धारित की गई हैं। कुछ महत्वपूर्ण बिंदु इस प्रकार हैं:

  1. ग्रीष्मकालीन अवकाश:
    • मई और जून के महीने में कुल 30 दिनों की छुट्टी निर्धारित की गई है।
    • अत्यधिक गर्मी और लू को ध्यान में रखते हुए गर्मी की छुट्टियों की अवधि बढ़ाई गई है।
  2. त्योहारी अवकाश:
    • दशहरा, दीपावली, छठ, ईद और क्रिसमस जैसे प्रमुख त्योहारों पर कुल 15 दिन की छुट्टी दी गई है।
    • स्थानीय त्योहारों के लिए स्कूलों को अपनी आवश्यकताओं के अनुसार छुट्टी देने की छूट दी गई है।
  3. सर्दियों की छुट्टियां:
    • जनवरी के ठंडे महीनों में छात्रों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए 10 दिनों की सर्दियों की छुट्टी निर्धारित की गई है।
  4. विशेष अवकाश:
    • आपातकालीन स्थिति या विशेष अवसरों के लिए छुट्टियों की घोषणा जिला स्तर पर की जाएगी।

शिक्षकों और अभिभावकों की प्रतिक्रिया

अभिभावकों और शिक्षकों ने इस निर्णय का स्वागत किया है। उनका मानना है कि यह कदम छात्रों के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए लाभदायक होगा। शिक्षकों ने कहा कि छुट्टियों की योजना इस तरह बनाई गई है कि पढ़ाई का नुकसान न हो और छात्र आराम के साथ-साथ अपनी पढ़ाई पर भी ध्यान केंद्रित कर सकें।

प्रशासन का बयान

शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने कहा, “नए कैलेंडर में छुट्टियों का निर्धारण छात्रों और शिक्षकों की भलाई को ध्यान में रखते हुए किया गया है। हमने स्कूलों से भी फीडबैक लिया और उसके आधार पर यह फैसला किया है।”

अतिरिक्त योजनाएं

सरकार ने छुट्टियों के दौरान छात्रों के लिए विशेष ऑनलाइन कक्षाओं या वर्कशॉप आयोजित करने की भी योजना बनाई है। इसका उद्देश्य छात्रों को शैक्षणिक गतिविधियों से जोड़े रखना और उनकी रचनात्मकता को बढ़ावा देना है।

निष्कर्ष

बिहार सरकार द्वारा स्कूलों के लिए घोषित 72 दिनों की छुट्टियां छात्रों और शिक्षकों के

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