UN में बेंजामिन नेतन्याहू ने दिखाए 2 मैप: भारत को बताया ‘The Blessing’ और ईरान को ‘The Curse’
हाल ही में आयोजित यूएन महासभा में इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने एक महत्वपूर्ण भाषण दिया, जिसमें उन्होंने दो अलग-अलग मैप्स का उपयोग करते हुए भारत और ईरान के प्रति अपने विचार व्यक्त किए।
नेतन्याहू का भाषण
- भारत को ‘The Blessing’: नेतन्याहू ने भारत को एक सकारात्मक रूप में प्रस्तुत किया, उन्हें ‘The Blessing’ कहा। उन्होंने कहा कि भारत के साथ इजरायल के संबंध मजबूत हो रहे हैं और दोनों देशों के बीच सहयोग विभिन्न क्षेत्रों में बढ़ रहा है।
- ईरान को ‘The Curse’: दूसरी ओर, नेतन्याहू ने ईरान को ‘The Curse’ कहा, यह दर्शाते हुए कि ईरान का कृत्य और उसके परमाणु कार्यक्रम वैश्विक शांति के लिए खतरा बन रहे हैं। उन्होंने ईरान पर आतंकवाद को समर्थन देने और क्षेत्र में अस्थिरता फैलाने का आरोप लगाया।
रणनीतिक पृष्ठभूमि
- भारत-इजरायल संबंध: नेतन्याहू ने भारत के साथ अपनी रणनीतिक साझेदारी का जिक्र किया, जो रक्षा, तकनीक और आर्थिक विकास में सहयोग पर आधारित है। उन्होंने भारत की उभरती शक्ति को भी सराहा।
- ईरान की नीति: ईरान के प्रति इजरायल की नीति हमेशा कठोर रही है। नेतन्याहू ने चेतावनी दी कि ईरान के परमाणु हथियारों का विकास केवल इजरायल के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए खतरा है।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
- भारत की स्थिति: भारत ने हमेशा से संतुलित दृष्टिकोण बनाए रखा है और क्षेत्रीय स्थिरता के लिए सहयोग की आवश्यकता पर बल दिया है।
- ईरान का पलटवार: ईरान ने नेतन्याहू के आरोपों को खारिज किया है और कहा है कि वे क्षेत्र में शांति और स्थिरता के लिए प्रयासरत हैं।
